Mama Ji Ne Jamkar Choda | Hindi Sex Kahani

हेलो दोस्तों | कैसे हैं आप | मैं रिहा जोशी आप लोगों का स्वागत करती हूँ अपनी इस कामवासना से भरी कहानी में | मैं करनाल में रहती हूँ | और अभी स्नातक पूरा कर लिया है | और अब नए नए एक्साम्स की तैयारियों में जुटी हुई हूँ | आपको बता दूँ कि मेरी उम्र 22 साल है | अब बात करते है मेरे हवस की | मेरे अन्दर हवस तो कूट कूट कर भरा हुआ है | लंड लेने के लिए तो बस एक पैर पर खड़ी रहती हूँ | मेरा फिगर भी कोई कम नही है | उठी हुई गांड और गोल गोल बूब्स तो बड़े बड़ो का लंड खड़े करावा देता है | वैसे मैं आप को बता दूं कि मेरी शादी तय हो चुकी है | लेकिन फिर भी सोचा कि कम से कम अपनी एक याद् तो साझा कर लूं आप लोगों के साथ | फिर क्या था मैंने शुरू कर दिया लिखना | वैसे अभी तक मैंने कई लंडो की सैर की है | मुझे 12 क्लास के बाद घर से ही स्नातक करना पड़ा इसी लिए मुझे कभी घर में तो कभी घर के आस पास में लंड की खोज करनी पड़ी |

अब ज्यादा घूमा फिरा कर बात नही करूंगी | सीधे अपनी कहानी पर आती हूँ | वैसे तो ये आप पर है कि आप मेरी बात का भरोसा करे या नही लेकिन ये घटना मेरी लाइफ की एकदम सच्ची घटना है | बात करीब 5 महीने पहले की है | मेरी मम्मी के चचेरे भाई आये हुवे थे | उनका नाम सुमित है | वो मुझसे उम्र में करीब 3 साल छोटे थे | लेकिन फिर भी मुझे उन्हें मामा कहना पड़ता है | वैसे सच बताऊँ तो वो इतने हन्द्सम है कि जी तो करता है जा के बस एक बार लिपट जाऊं तो छोडू ही नही | लेकिन वो मेरे मामा लगते हैं इसी लिए मैं कुछ कर भी नही सकती थी | वैसे तो वो कभी मेरे घर नही आये थे इस बार उनका पहला चांस था | वो सुबह आये और शाम को जाने के लिए तैयार हो गए लेकिन मैंने उन्हें रोक लिया | फिर ऐसा कुछ मौका पड़ा कि उन्हें दो – तीन दिन मेरे घर ही रुकना पड़ा | एक बार मेरे मम्मी और पापा कहीं गए हुवे थे | घर पर सिर्फ मामा जी थे और मै | वो हाल में बैठ कर टीवी देख रहे थे | मैं अपने कमरे में थी | मेरी कामवासना तो उनके आने से ही जाग गई थी लेकिन मै उनके साथ कुछ कर भी तो नही सकती थी | मेरी चूत में खलबली हो रही थी | मैंने सोचा क्यों न अपनी चूत में उंगली कर के इसे थोडा शांत कर लूं | फिर क्या था मैं अपने और मामा जी के बारे में सोच कर अपनी चूत में उंगली अंदर बाहर करने लगी | मेरी आह… निकल रही थी मैं धीरे धीरे से आह्हह.. कर के मज़े ले रही थी कि तभी देखा कि मामा जी मेरे कमरे में आ गए | मैंने जल्दी से अपना सलवार ठीक किया | उन्होंने सब देख लिया था | मैं बहुत डर गई | और रोने लगी | तभी मामा जी ने मुझे चुप होने को कहा और कहने लगे की क्यों रो रही हो तुम मत रो, इस उम्र में ये सब होता रहता है और ये तो हर लड़की करती है मैं सब जानता हूँ इस बारे में | वैसे तुम्हे ऐसा करने से शांति मिल जाती है | मैंने हाँ में सर हिलाया और कहा की इस बारे में प्लीज़ किसी को कुछ नहीं बताना नहीं तो मैं कही की नहीं रहूंगी | तो मेरे मामा बोले की तुम परेशान मत हो मैं किसी को भी नही बताऊंगा, लेकिन एक शर्त पे, तो मैने बोला की क्या शर्त है | मामा जी बोले यही कि तुम मेरे लंड लो अपनी चूत की गर्मी शांत करने का मौका दोगी | जब से तुम्हे देखा है बस पागल सा हो गया हूँ | मैं यहाँ सिर्फ तुम्हारे लिए ही आया हूँ | मैं मन ही मन तो बहुत खुश हुई कि जो मै ढूढ़ रही थी वो मुझे मिल जायेगा लेकी सामने भोले बनाने का नाटक किया | मैंने कहा ये आप क्या बोल रहे हैं | आप मेरे मम्मी के भाई हैं | मैं आप के साथ ये सब नही कर सकती | वो बोले हमारे बीच क्या रिश्ता है अभी भूल जाओ मैं जो कह रहा हूँ मान लो वर्ना जो भी होगा तुम्हे झेलना पड़ेगा | ये बात मै किसी को नही बताऊंगा कि हमारे बीच कुछ हुआ था | मैं तो बस नाटक कर रही थी | फिर मैने बोला की चलो ठीक है | और इतना कहने की देर थी की मामा जी मेरे ऊपर पागलो की तरह टूट पडे और उन्होंने मुझे मेरे कमरे ही दीवाल से सटा कर जोर से किस करने लगे | और मैं भी उनका पूरा साथ दे रही थी | उन्होंने किस करते करते मेरे सूट के ऊपर से ही मेरे बूब्स दबाने चालू कर दिया मै जोर जोर से आह…. आह्हह… करके मज़े ले रही थी | तभी उन्होंने मेरा हांथ अपने लोअर के अन्दर दाल दिया अब उनका लंड मेरे हाथ में था | वो एकदम कड़क हो चुका था | मैं इसे अपने हाथ से आगे पीछे कर के हिलाने लगी | 5 मिनट तक हमारी लगातार किसिंग चली और अब उन्होंने अपना लोअर उतार दिया और मैने भी अपना सलवार और सूट उतार दिया फिर वह मेरी ब्रा के ऊपर से मेरे बूब्स को दबाने लगे और मेरी पेंटी में भी हाथ डाल कर मेरी चूत सहला रहे थे | उस दी मैंने पिंक कलर की पैंटी और ब्लैक कलर की ब्रा पहनी थी जो उन्हें और भी पागल कर रहा था | उन्होंने धीरे से अपना हाथ मेरी पैंटी में डाल दिया और जैसे ही मेरे चूत के दाने को छुआ | मैं तो बस एक दम से सिहर गई | फिर उन्होंने अपनी एक उंगली मेरी चूत के अंदर बाहर करना शुरू कर दिया | मैं पागल हुई जा रही थी | कुछ देर बाद उन्कोने मेरी ब्रा और पैंटी भी निकाल कर फेंक दी |

ब्रा निकलने के बाद तो मामा जी एकदम से बेकाबू हो गये बोले क्या बात है रिहा तुम्हारे बूब्स तो कितने सॉफ्ट और गोरे हैं | और एक बार फिर मेरे बूब्स पर जूट गए | एक बूब को उन्होंने अपने मुंह में रखा और एक हाथ से मेरे दुसरे बूब को दबाने लगे | और एक हाथ से मेरे चूत में उंगली कर रहे थे | कुछ देर तक ऐसे ही चलता रहा | मैं तो बस अब चूत में लंड लेने के लिए बेक़रार थी | फिर वो मुझे बेड पर लिटाया और मेरी टांगे फैला दी | और नीचे बैठ कर मेरी चूत ले पास अपना मुंह ले कर आये और फिर धीरे से अपनी जबान मेरे चूत पर रख दी | और फिर जोर जोर से मेरी चूत को चाटने लगे | मैं कुछ देर में ही झड गई | वो मेरा सारा रस पी गए | फिर वो ऊपर आ गए और अपने लंड को मेरे मुंह में दे दिया | मैने उनके लंड को चूसने लगी | क्या कड़क लंड था वो | मैंने उसका पानी निकल दिया चूस चूस कर | मुझे लंड चूसने में बहुत मज़ा आया | अब मैने कहा की प्लीज़ चोद दो मुझे बना लो अपनी रखेल, फाड़ दो आज मेरी चूत को आज से मैं तुम्हारी हूँ और आगे भी तुम्हारी ही रहूंगी | फिर उसने अपना 7 इंच लंड मेरी चूत के ऊपर लगाया और ऊपर से रगड़ने लगा | मैं तो अब तड़प रही थी | मैंने कहा मुझे चोद दो नहीं तो मैं मर जाउंगी प्लीज़ फक मी माय स्वीट हार्ट मेरी जान आज तो मुझे चोद दे | अपनी भांजी को बना लो अपनी रखेल | चोद दो मुझे इतना सुनते ही उन्होंने अपने लंड को मेरे चूत पे रख कर एक ज़ोरदार ज़टका मारा और उनके लंड का ऊपर का हिसा मेरी चूत में जा चूका था |

मैं चिल्लाने लगी निकालो इसे मुझे बहुत दर्द हो रहा है , प्लीज़ निकालो | उन्होंने मेरी एक न सुनी औरएक और जोर दार झटका मारा और इस बार उसका पूरा लंड मेरी चूत के अंदर था और मेरी चूत से खून निकलने लगा और मेरी आंख से आंसू निकलने लगे |फिर कुछ देर तक रुक कर वह मुझे किस करने लगे और कुछ देर बाद मुझे हल्के- हल्के झटके मारने लगे | अब मेरा भी दर्द ख़त्म हो गया था और में अब मजे से चुदवा रही थी, और अब वह भी तेज धक्के दे रहे था और मैं आह्हह…. अहम्म्म्म…. अह्ह्ह्ह…करके आवाजे निकलने लगी थी और वो मेरी चूत का भोसड़ा बनाने में लगे हुवे थे | इसी बीच मैं कई बार झड गई | उन्होंने फिर मुझे कई पोजीसन में चोदा | मेरी चूत का पूरी तरीके से भोसड़ा बन चुका था | उसके बाद हम अलग हुवे और फिर साथ मे ही नहाया |

इसके बाद जब कभी भी मामा जी आते या मैं जाती हूँ उनके घर तो मौका देख कर उनसे अपनी चूत का हिसाब जरूर करवाती हूँ

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